देखिए, फ़ासीवाद और हिटलर के उभार को बयान करती 'ज़ुल्‍मतों के दौर में'

हमने इस ब्‍लॉग की पहली पोस्‍ट में लिखा था कि हमारी कोशिश होगी ...दुनियाभर में फ़ासीवाद के विरुद्ध कवियों-लेखकों-विचारकों के लेखन को सामने लाएं, इस विषय पर ऑडियो-वीडियो सामग्री या उसके परिचय को एक जगह एकत्रित करें...इसी कड़ी में आज हम 'बर्बरता के विरुद्ध' पर गौहर रज़ा की फिल्‍म 'जुल्‍मतों के दौर में' दे रहे हैं।


गौहर रज़ा की यह फिल्‍म हिटलर के दौर में जर्मनी की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक स्थिति और हिटलर के उदय तथा फासीवादी विचारधारा के उभार और यहूदियों के क़त्‍लेआम को बयान करती है। बिंबों के माध्‍यम से यह फिल्‍म जर्मनी के साथ ही भारत में भी फासीवाद का और अल्‍पसंख्‍यकों के खिलाफ उगले जा रहे ज़हर का जिक्र भी करती है। यह बताती है कि फासीवाद केवल अल्‍पसंख्‍यकों को ही नहीं, बल्कि आम जनता, स्त्रियों, मजदूरों, किसानों और जनवादी अधिकारों के लिए लड़ने वालों का भी दुश्‍मन होता है। वह हर उस चीज का दुश्‍मन होता है जो मानवता ने सदियों के संघर्ष और अकूत कुर्बानियों से हासिल की है।

फिल्‍म देखने के बाद अपनी राय ज़रूर दें और यदि आपके पास इस तरह की कोई ऑडियो-वीडियो सामग्री हो, और आप उसे इस ब्‍लॉग पर साझा करना चाहें तो सूचित करें।


क्‍या ज़ुल्‍मतों के दौर में भी गीत गाये जायेंगे ?
हां, ज़ुल्‍मतों के दौर के ही गीत गाये जायेंगे!
-बेर्टोल्‍ट ब्रेष्‍ट-










11 comments:

ravikumarswarnkar said...

बेहद सटीक...
बेहद प्रभावशाली...

धन्यवाद...

समय said...

आपके सरोकार।
आपकी प्रतिबद्धता।

को सलाम!!

शहीद भगत सिंह विचार मंच, संतनगर said...

संदीप जी,
वीडियो चल नहीं पा रहा है, कुछ इस तरह का मेसैज़ आ रहा है,
"this video has been removed because it is two long. Regular YouTube video must be 10 minutes or less.

अगर ऐसा है तो इसे दो हिस्सों में में अपलोड करें.

संदीप said...

इस कमी की ओर ध्‍यान दिलाने के लिए शुक्रिया। लेकिन क्‍या इसमें मेरी कुछ मदद कर सकते हैं। मेरी पास इस वीडियो की DAT फाइल है, इसे कैसे दो हिस्‍सो में बांटा जा सकता है। यदि मेल करके मदद कर सके तो अच्‍छा रहेगा

ravikumarswarnkar said...

गुरू सही है...
मैंने सोचा था बाद में फ़ुर्सत में देखूंगा...

नहीं चला..इसके लिंक के जरिए यू ट्यूब पर भी नहीं मिला..
julamaton ke daur mein टाईप करके सर्च भी किया..यू ट्यूब पर भी और इंजन में भी..

वापस आपके ब्लॉग पर आया तब पता चला मैं अकेला ही नहीं हूं...

कुछ करो जल्दी ही भाई..

संदीप said...

रवि भाई,

समस्‍या सुलझा ली गई है, अब यह आप फिल्‍म देख सकते हैं। हालांकि, वीडियो की तकनीकी जानकारी न होने के कारण किसी तरह मैंने इसे चार हिस्‍सों में बांट दिया है।
वैसे, जहां तक मेरी जानकारी है, यह फिल्‍म इससे पहले नेट पर उपलब्‍ध नहीं थी।

vijay gaur/विजय गौड़ said...

gauhar raja ki aawaaj ne film ko arthwaan banaya hai mitr. aabhaar ise prastut karne ka.

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

इस फिल्म को अपलोड कर आप ने बहुत भी भारी काम किया है। सोशल नेटवर्क पर इस तरह की सामग्री की बहुत कमी है।
प्रयास सफल हुआ। आप का बहुत आभार!

Nirmla Kapila said...

bबहुत बडिया पावन प्रयास शुभकामनायें

gauhar said...

main un sabhi doston ka shukria ada karta hoon jinhon ne is film ko post karne mein madad ki yah phir dekh kar saraha. film ka angrezi version 'Anhad' se hasil ho sakta hai
gauhar raza....

शहरोज़ said...

आपकी प्रतिबद्धता को सलाम!!!!